Archive for March, 2008

शतरंज

चलो चलो तुम चाल चलो 
इस दुनिया में शतरंज ऐसे ही खेली जाती है  
काले और सफ़ेद घरो में 
अपने कदमो के निशान रखो 
चलो चलो तुम चाल चलो 
एक वजीर मेरा 
एक सिपाही तेरा 
दोनों रहे ना रहे 
शतरंज की बिसात फिर बिछेगी 
फिर खेलेंगे दो लोग  ..
हारेगा एक और 
जीतेंगे मोहरे अनेक  …
चलो चलो तुम चाल चलो 
आज यह शतरंज रास ना [...]

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