चलो चलो तुम चाल चलो
इस दुनिया में शतरंज ऐसे ही खेली जाती है
काले और सफ़ेद घरो में
अपने कदमो के निशान रखो
चलो चलो तुम चाल चलो
एक वजीर मेरा
एक सिपाही तेरा
दोनों रहे ना रहे
शतरंज की बिसात फिर बिछेगी
फिर खेलेंगे दो लोग ..
हारेगा एक और
जीतेंगे मोहरे अनेक …
चलो चलो तुम चाल चलो
आज यह शतरंज रास ना [...]
Archive for March, 2008
15 Mar


Recent Comments