हे प्रभु आनंद्दाता नोट हमको दीजिये
लक्ष्मी और अपना वोट हमको दीजिये
बुद्धि हमारी शुद्ध करे
एक को ढाई करे
जोड़ कर मर जाए लाखो
खर्च ना पाई करे
पार्टी दावत का निमंत्रण नित्य प्रति आता रहे
माल जनता को मिले गुड आपका गाता रहे
जगह खाली हो कही खबर देना प्रभु
एक बंगला स्वर्ग में अल्लोत कर देना प्रभु
जगह ऐसी दीजियेगा ना गर्मी हो ना ठंड
और भी अच्छा हो एयर कंडीशन
आज्ञा दीजियेगा तो रेडियो ले आयुंगा
और आपको इस लोक की लेटेस्ट न्यूज़ सुनायूँगा
क्युकी आपके सुर लोक में कोई सिनेमा घर नहीं
और भारत का वहा कोई मनोरंजन नहीं
जब फिमली गीतों की रेडियो पे सुनायेंगी लता
तो आप मस्त होके पूछेंगे क्या है उसका पता
जब रूहारले परदे पर कुम कुम नैन मत्कयेगी
तो आपकी जनता पचड़े खायेगी
डर रहे हो क्यों प्रभु
कोन्त्रक्ट हमको दीजिये काम मत कुछ कीजिए
आधा मुनाफा लीजिये
अब डर नहीं है मुझे
अपने पिता के लोन का
४२० नुम्बेर हमारे घर के फोन का



